
Aarti Mahavir Swami
ॐ जय महावीर प्रभु
Aarti of Mahavir Swami, the 24th and last Tirthankara of Jainism, who taught the principles of ahimsa, truth, and non-attachment, and attained nirvana at Pawapuri.
ॐ जय महावीर प्रभु, जय जय महावीर प्रभु।
तीर्थंकर चौबीसवें, जग के गुरु देवा।
ॐ जय महावीर प्रभु।
क्षत्रियकुंड में जन्म लिया, सिद्धार्थ के लाला।
त्रिशला माता के नंदन, जग के रखवाला।
ॐ जय महावीर प्रभु।
अहिंसा परमो धर्म, तुमने बताया।
सत्य अस्तेय अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य सिखाया।
ॐ जय महावीर प्रभु।
बारह वर्ष की तपस्या, केवल ज्ञान पाया।
जिन होकर जग में, धर्म को फैलाया।
ॐ जय महावीर प्रभु।
पावापुरी में पाया, निर्वाण महाना।
महावीर प्रभु की आरती, जो कोई गाना।
मोक्ष मार्ग पर चले, परम पद पाना।
ॐ जय महावीर प्रभु।
ॐ
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