
Aarti Dhanvantari
जय धन्वन्तरि देवा
Aarti of Lord Dhanvantari, the divine physician and avatar of Vishnu who emerged from the ocean of milk with the pot of amrit, and is the father of Ayurveda.
ॐ जय धन्वन्तरि देवा, जय जय धन्वन्तरि देवा।
अमृत कलश को लाये, समुद्र मंथन से देवा।
ॐ जय धन्वन्तरि देवा।
विष्णु के अवतार हो, रोगनाशक दाता।
आयुर्वेद के ज्ञाता, जगत के विधाता।
ॐ जय धन्वन्तरि देवा।
चतुर्भुज रूप शोभित, शंख चक्र धारी।
अमृत कुम्भ कर में, जड़ी बूटी प्यारी।
ॐ जय धन्वन्तरि देवा।
धनतेरस के दिन तुम, प्रकटे संसारा।
रोग शोक मिटाये, जग किया उजियारा।
ॐ जय धन्वन्तरि देवा।
जो ध्यावे तुमको नित, रोग से छुटकारा।
धन्वन्तरि देव की आरती, सुख का आधारा।
ॐ जय धन्वन्तरि देवा।
ॐ
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🙏 || जय विष्णु ||

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