
Bhavsagar Tarane Ke Liye
भवसागर तरने के लिए
Vishnu Bhajan
A devotional bhajan inspired by the teachings of Saint Kabir, expressing the idea that to cross the ocean of worldly existence (bhavsagar), one needs the boat of God's name and the guidance of a true guru.
ॐ
भवसागर तरने के लिए,
नाम तेरा एक सहारा है।
भवसागर तरने के लिए,
नाम तेरा एक सहारा है।
कहत कबीर सुनो भाई साधो,
हरि बिन और न कोई।
जग में आये जग से जाओगे,
साथ न कोई होई।
भवसागर तरने के लिए।
माया जाल में फंसा है प्राणी,
छूट कहां से पाए।
सतगुरु मिले तो राह दिखाये,
हरि चरणों में लाए।
भवसागर तरने के लिए।
कबीरा खड़ा बाज़ार में,
सबकी मांगे खैर।
ना काहू से दोस्ती,
ना काहू से बैर।
भवसागर तरने के लिए।
कबीर कहे हरि नाम बिना,
जिन्दगी व्यर्थ है भाई।
राम नाम की नैया चढ़ ले,
पार लगाये खिवैया।
भवसागर तरने के लिए,
नाम तेरा एक सहारा है।
ॐ