Bhajans/Pag Ghunghru Bandh Meera Nachi Re
Krishna

Pag Ghunghru Bandh Meera Nachi Re

पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे

Krishna Bhajan

A famous bhajan by the 16th-century Rajput princess-saint Meerabai, describing her ecstatic dance with ankle bells for Lord Krishna, defying all social conventions in her divine love.

पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे, मैं तो मेरे नारायण की आपही हो गई दासी रे। पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे॥ लोग कहे मीरा भई बावरी, न्यात कहे कुलनासी रे। विष का प्याला राणा भेज्या, पीवत मीरा हाँसी रे॥ पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे। राणा जी म्हारो कियो न बिगड़ियो, जाके आपण हाथ बिकानी रे। मीरा के प्रभु गिरधर नागर, सहज मिले अविनासी रे॥ पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे। मीरा के प्रभु सावन के बादल, बरसत अमृत धारा रे। चाकर राखो जी म्हाने चाकर राखो, गिरधारी लाला म्हारा रे॥ पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे, मैं तो मेरे नारायण की आपही हो गई दासी रे। पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे॥