
Maiya Mori Main Nahin Makhan Khayo Extended
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो - विस्तारित
Krishna Bhajan
An extended version of the famous bhajan by Surdas depicting baby Krishna's innocent denial of stealing butter. This beloved composition captures the charming childhood leelas of Lord Krishna with additional verses.
ॐ
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो,
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो।
ख्याल परे ये सखा सबै मिलि,
मेरे मुख लपटायो।
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो।
देखो मेरे मुख में माखन है क्या,
मैंने तो कुछ भी नहीं खायो।
ये सब गोपी झूठ बोलती हैं,
मुझ पर दोष लगायो।
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो।
घर घर जाकर माखन चोरी,
ऐसी कहे जो कोई।
मेरे हाथ छोटे मुख छोटा,
छींका कैसे खायो।
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो।
ग्वाल बाल सब बैर करत हैं,
जाने केहि उपदेश लगायो।
सूरदास तब बिहंसि जसोदा,
लैकर कंठ लगायो।
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो।
यशोदा मैया मुस्कायीं तब,
कान्हा को गोद उठायो।
लाला तू है सबसे न्यारा,
माखन और भी लायो।
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो,
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो।
ॐ