
Vaishno Devi Chalisa
वैष्णो देवी चालीसा
Vaishno Devi Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Mata Vaishno Devi, the holy mother goddess enshrined in the Trikuta mountains of Jammu.
ॐ
॥ दोहा ॥
जय जय वैष्णवी माता जय त्रिकूट निवासिनी
जय जय पावन पिण्डी पर सदा विराजत भवानी
॥ चौपाई ॥
जय माता वैष्णो देवी जय जय
जगत जननी तू सबकी मैया
त्रिकूट पर्वत पर है डेरा
सबसे ऊँचा सबसे सवेरा
भवन तुम्हारा अति सुखदाई
पिण्डी रूप में तीन दिखाई
महालक्ष्मी महासरस्वती
महाकाली तीन शक्ति
अर्धकवारी गुफ़ा सुहानी
चरण पादुका वहाँ है रानी
बाण गंगा पावन धारा
भैरव नाथ की भी पूजा प्यारा
छड़ी यात्रा का है सुख न्यारा
लाखों भक्त आते बारम्बारा
सागी माता के हैं दर्शन
दूर होत सब दुख शोक अरुण
प्रसाद माता का जो पावे
धन्य जनम उसका हो जावे
माँ के भवन में ज्योति जगावें
घी का दीपक नित नित जलावें
नवरात्र में माँ की पूजा
कोई माँ के जैसा नहिं दूजा
चुनरी ओढ़ कर माँ को पुकारे
माँ वैष्णो सब कष्ट निवारे
माता रानी दर पर आये
सब मनोकामना पूर्ण कराये
माँ की ज्वाला नित प्रज्वलित
भक्तों का मन करे विभोलित
जय काली जय लक्ष्मी माता
जय सरस्वती ज्ञान विधाता
हेलिकॉप्टर से भी आवें भक्ता
पैदल चलकर भी आवें शक्ता
जम्मू कटरा से शुरू सफ़र
पहुँचें माँ के दरबार मगर
अधखुली आँख माँ की झलक
देखत भक्त होत भव तरक
पहाड़ो में बसी हो तुम माँ
सबसे ऊँचे धाम हो तुम माँ
भक्तों की पुकार सुन लो माँ
संकट में तुम तार दो माँ
रिद्धि सिद्धि दो दासन को
सम्पत्ति दो निज भक्तन को
दुष्ट दलन तुम दुर्गा माता
असुर निकन्दन जय जगत विधाता
मैं बालक तुम माता मेरी
सदा रहे कृपा दृष्टि तेरी
कष्ट विपत्ति दूर कर दो माँ
भव सागर से पार कर दो माँ
धन धान्य सब घर में आवे
जो वैष्णो माँ को मन भावे
वैष्णो देवी चालीसा गावें
सकल मनोरथ शीघ्र ही पावें
जय जय जय माँ वैष्णो रानी
कृपा करो तुम मेरी स्वामिनी
॥ दोहा ॥
वैष्णो देवी चालीसा पढ़ें श्रद्धा से ध्यान
माता करें कृपा सदा दें सुख सम्पत्ति दान
ॐ