
Shitala Chalisa
शीतला चालीसा
The Shitala Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Goddess Shitala Mata, the deity who cures and protects from diseases like smallpox, chickenpox, and fevers. Reciting this chalisa is believed to bring health, cure diseases, and protect children from ailments.
ॐ
॥ दोहा ॥
जय शीतला माता देवी जग की पालनहार
रोग शोक सब दूर करो कृपा करो अपार
शीतला माता शरण तुम्हारी प्रणमूँ बारम्बार
चालीसा तव गाऊँ माता करो कृपा अपार
॥ चौपाई ॥
जय शीतला मैया जय शीतला
जय रोगनाशिनी माँ शीतला
गर्दभ वाहन तुम पर शोभे
सूप छाज हाथ कर विभूषे
झाड़ू हाथ सफाई करती
रोग जर्म सब दूर तुम करती
नीम के पत्ते प्रिय तुमको
शीतल जल प्रिय है सबको
बासी भोजन नैवेद्य चढ़ावें
शीतला सप्तमी व्रत जो रखावें
चैत्र मास कृष्ण सप्तमी तिथि
शीतला माता पूजन विधि
बासोड़ा व्रत जो नित करही
शीतला माता कृपा सो वरही
चेचक शीतला को कहते हैं
माता आई ऐसे कहते हैं
माता प्रकोप से जो पीड़ित होवे
शीतला पूजन से रोग खोवे
बालक रक्षा करो तुम माता
रोग दोष से बचाओ विधाता
ज्वर नाशिनी तुम माँ शीतला
शीतल करो तन मन की ज्वाला
महामारी से रक्षा करो
संक्रामक रोग दूर करो
शीतला अष्टक जो पढ़े सुनावे
ताके सब रोग दूर पलावे
नीम तले शीतला विराजे
भक्तन को दर्शन से ताजे
शीतला माता का मंदिर प्यारा
गुड़गाँव में है धाम तुम्हारा
सब जगह शीतला माता पूजी
रोग निवारण में नहीं है दूजी
स्वच्छता का संदेश तुम्हारा
सफाई से मिटे रोग का मारा
जल से शीतल करो शरीर
रोग पीड़ा हरो गंभीर
शीतला माता की जय बोलो
रोग भय से मुक्ति के द्वार खोलो
हैजा प्लेग और ज्वर नाशो
दुर्गम रोगन को भी भाषो
बालकों की रक्षा करो माता
स्वस्थ रखो सबको विधाता
माता तेरी महिमा न्यारी
जग की तुम हो रोग निवारी
नीम की डाली तुमको भावे
शीतल जल तुमको सुहावे
जो कोई शीतला गुण गावे
ताके रोग शोक सब जावे
शीतला माता सदा सहाय
रोग दोष सब दूर पलाय
चालीसा पाठ जो नित करही
निरोगी काया सदा वरही
शीतला कृपा से स्वस्थ रहें
रोग मुक्त जीवन सदा बहें
स्वच्छ रहें पवित्र रहें
शीतला कृपा से सुखी रहें
प्राण रक्षा करो शीतला माता
भक्तन की हो सदा विधाता
जय शीतला जय जय माता
रोगनाशिनी जगत विख्याता
॥ दोहा ॥
शीतला चालीसा पढ़े जो भक्ति भाव लगाय
रोग शोक सब दूर हो शीतला करें सहाय
ॐ