
Saraswati Chalisa
सरस्वती चालीसा
Saraswati Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Goddess Saraswati, the goddess of knowledge, music, arts, and learning.
ॐ
॥ दोहा ॥
जय जय सरस्वती भवानी जय जय हंसवाहिनी
जय जय वीणा वादिनी जय जय ज्ञान दायिनी
॥ चौपाई ॥
जय श्वेतांबरधारिणी मैया
भक्तन हित जग में तुम आया
जय जय हंस वाहिनी ज्ञानी
जय जय श्वेत कमल पर विराजनी
धवल वस्त्र परिधान सुहावन
शुभ्र वर्ण मन अति सुख पावन
चार भुजा कर वीणा धारें
अक्षमाला कर शोभा बारें
एक हस्त पुस्तक विराजें
कमण्डल दूजे कर साजें
मस्तक पर शुभ मुकुट विराजे
कानों में कुण्डल अति साजे
नासिका पर मोती की बूँदी
चन्द्र बदन नयन अति सुन्दी
शारद ऋतु में तुम्हें मनावें
वर्ष पर्यन्त विद्या पावें
हे सरस्वती परम दयाला
ज्ञान बुद्धि की तुम रखवाला
जो तुम्हें सुमिरे प्रात उठकर
सो नर पावे विद्या सत्वर
ब्रह्मा विष्णु महेश बनाये
पृथ्वी जल अग्नि को रचाये
फिर बनाये सूर्य और चन्द्र
सृष्टि रची अनुपम अति सुन्दर
ऋग यजु साम अथर्व बनाये
चारों वेद जगत में गाये
सब विद्या और कला तुम्हारी
तुम ही समस्त ज्ञान अधिकारी
षट दर्शन सब तुमसे आये
सांख्य योग सब तुमने बनाये
गीत संगीत तुम्हीं से आवे
जो तुम्हें भजे सो सब कछु पावे
विद्या बुद्धि तुम्हारे द्वारा
कवित्व शक्ति तुमसे संसारा
तुम ही ब्रह्मा की शक्ति भवानी
तुम्हीं से सृष्टि सकल है जानी
सकल सृष्टि में व्याप्त तुम्हारी
शक्ति अनन्त न जाय विचारी
जो मनुष्य तुम्हें नित ध्यावें
विद्या बल सब कछु पावें
ध्यान धरें जो तव रूप निहारे
सो जन कबहुँ न जग में हारे
कालिदास जिन तुम पर लीन्हा
तिन को तुमने अमर कर दीन्हा
तुलसी सूर कबीर बनाये
तेरी कृपा से जग यश गाये
वाल्मीकि तुम्हीं ने बनायो
उनसे रामायण लिखवायो
शंकराचार्य भक्ति की ज्वाला
तुम्हें भजे वो अमर भया ला
मेरे मन में ज्ञान प्रकाशो
अज्ञान तिमिर को दूर विनाशो
बुद्धि विवेक सदा बनी रहे
मम मन में तव कृपा सदा बहे
वाणी मधुर हो सत्य सुहानी
मम मुख बसो हे माँ शारदानी
जय जय जय माँ सरस्वती भवानी
तुम्हीं से सब ज्ञान विज्ञानी
सरस्वती चालीसा गावें
बुद्धि ज्ञान बल सब कछु पावें
॥ दोहा ॥
सरस्वती माँ भगवती विद्या दायिनी मात
जो नित चालीसा पढ़े पावे ज्ञान सुख दात
ॐ