Chalisa/Pitar Chalisa
Vishnu

Pitar Chalisa

पितर चालीसा

Pitar Chalisa is dedicated to the Pitru Devatas (ancestors). In Hindu tradition, honoring ancestors (Pitru Tarpan) is a sacred duty. This chalisa is recited especially during Pitru Paksha (Shradh period) to seek blessings of departed ancestors and for their spiritual peace.

॥ दोहा ॥ पितर देवता को प्रणाम करूँ बारम्बार पितृ पक्ष में श्रद्धा से करूँ आपका उद्धार पूर्वजों के चरणों में शीश नवाऊँ आज कृपा करो पितृ देव जी पूरो मेरे काज ॥ चौपाई ॥ जय पितर देव जय पूर्वज प्यारे तुम हो हमारे रक्षक न्यारे वंश परम्परा तुमने चलाई हम सबको इस जग में लाई माता पिता दादा दादी नाना नानी सब सुखदायी परदादा परनाना सारे पूर्वज हमें सदा हैं प्यारे सात पीढ़ी के पितर हमारे उनके आशीर्वाद से हम सब तारे पितृ लोक में तुम विराजो हम पर कृपा सदा बरसाओ श्राद्ध कर्म हम नित्य करें पितर तृप्त हों दुख सब हरें पितृ पक्ष में विशेष पूजन तर्पण करें श्रद्धा से अर्चन गया धाम में पिण्ड दान दो पितरों को मुक्ति का वर दो फल्गु नदी तट पर तर्पण करिये विष्णु पद में श्रद्धा धरिये तिल कुश जल से तर्पण करो पितर देवता को तृप्त करो खीर पूरी हलवा बनाओ ब्राह्मण भोज कराओ गौ ग्रास कौवे को दो भोजन पितर प्रसन्न होवें इस पूजन अमावस्या को तर्पण करिये पितरों की आत्मा शांत करिये सोमवती अमावस्या व्रत धारो पितर कृपा से सुख को पाओ माघ स्नान करो प्रयाग में पितरों का उद्धार हो संगम में नर्मदा गंगा यमुना तट पर तर्पण करो श्रद्धा से सुन्दर पितर कृपा से वंश बढ़े सन्तान सुख सम्पत्ति बढ़े पितर कुपित हों तो कष्ट मिले पितर प्रसन्न हों तो सुख मिले पितर दोष शांत करो विधि से श्राद्ध तर्पण करो श्रद्धा से नारायण बलि पूजन करिये नागबलि विधान भी करिये त्रिपिण्डी श्राद्ध करें विधि से पितर तृप्त हों श्रद्धा से पितरों का सम्मान करो बुजुर्गों की सेवा करो माता पिता की सेवा पूजा इससे बड़ा धर्म नहीं दूजा पितर आशीर्वाद से सुख मिले घर में शांति समृद्धि मिले चालीसा पितर का पढ़े जो कोई पितर प्रसन्न हों दुख ना होई जय पितर देव जय पूर्वज सारे तुम हो सदा हमें अति प्यारे ॥ दोहा ॥ पितर चालीसा पढ़े जो श्रद्धा भाव लगाय पितर प्रसन्न सदा रहें सुख सम्पत्ति सहाय