Chalisa/Parvati Chalisa
Durga

Parvati Chalisa

पार्वती चालीसा

The Parvati Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Goddess Parvati, the divine consort of Lord Shiva and mother of Ganesha and Kartikeya. Reciting this chalisa is believed to bring marital bliss, strength, devotion, and the blessings of the Divine Mother.

॥ दोहा ॥ जय पार्वती माता देवी शिवप्रिया गुणखान हिमालय पुत्री गौरी माँ प्रणमूँ बारंबार उमा भवानी गिरिजा माँ कृपा करो महारानी चालीसा तव गाऊँ माता सुनो शिव की रानी ॥ चौपाई ॥ जय पार्वती माता जय गौरी जय शिवप्रिया उमा भवनौरी हिमालय राज की तुम हो बेटी मैना माता की लाड़ली गुड़िया बचपन से शिव से प्रेम लगाया कठोर तप से शिव को पाया पंचाग्नि तप तुमने तपा जग को पतिव्रता धर्म सिखाया शिव शंकर से विवाह रचाया सप्तपदी मंत्र से बंधन पाया गणेश कार्तिकेय के माता जगत जननी तुम हो विधाता अर्धनारीश्वर रूप तुम्हारा शिव शक्ति का मिलन प्यारा गौरी रूप तुम्हरा मनमोहे स्वर्ण वर्ण शोभा अति शोभे सिन्दूर मांग में सदा सजे शिव के संग सदा विराजे शिव की अर्धांगिनी तुम कहलाई सृष्टि शक्ति तुमसे ही आई काली रूप धरो जब माता दुष्ट दानवन का करो घाता दुर्गा रूप में जग को तारो महिषासुर का करो संहारो अन्नपूर्णा रूप धरो जब भूखे जन को अन्न दो तब कामाक्षी मीनाक्षी कहलाई विशालाक्षी भी तुम सुहाई नव दुर्गा में रूप तुम्हारे जग में पूजे सब हैं प्यारे शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी माता चंद्रघंटा कूष्मांडा विधाता स्कंदमाता कात्यायनी नामा कालरात्रि महागौरी धामा सिद्धिदात्री नवम रूप तुम्हारा नवरात्रि पूजन जग सारा तीज व्रत करवाचौथ करें नारी पार्वती कृपा से सुहाग है प्यारी मंगल गौरी व्रत जो करही सुख सौभाग्य सदा सो वरही हरतालिका तीज व्रत माता शिव पार्वती मिलन सुखदाता गणगौर का व्रत जो रखावें पार्वती कृपा अपार सो पावें कुंवारी कन्या जो पूजन करही योग्य वर मनचाहा सो वरही विवाहित नारी सुहाग बढ़ावें पार्वती कृपा से सुख पावें दाम्पत्य जीवन सुखमय करो शिव पार्वती सम प्रेम भरो संतान सुख दो पार्वती माता पुत्र पुत्री का सुख विधाता पार्वती कृपा से गृह सुखमय परिवार में हो सदा अभय चालीसा पाठ जो नित करही पार्वती कृपा सदा सो वरही जय पार्वती जय शिवप्रिया जय उमा भवानी जग हितकारिया ॥ दोहा ॥ पार्वती चालीसा पढ़े जो नित श्रद्धा लाय सुख सौभाग्य सदा मिले पार्वती करें सहाय