
Parashurama Chalisa
परशुराम चालीसा
The Parashurama Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Lord Parashurama, the sixth avatar of Lord Vishnu. Known as the warrior sage with an axe, reciting this chalisa is believed to grant courage, strength, and victory over enemies.
ॐ
॥ दोहा ॥
जय जय परशुराम प्रभु विष्णु अवतार महान
भृगुवंशी रेणुका सुत प्रणमूँ बारम्बार
जमदग्नि नंदन प्रभु परशु धारी भगवान
चालीसा पढ़ जो करे सो पावे सुख दान
॥ चौपाई ॥
जय परशुराम विष्णु अवतारा
क्षत्रिय कुल संहारक सारा
भृगुवंश में जन्म लिया तुम
जमदग्नि ऋषि के सुत प्रियतम
माता रेणुका के लाल प्यारे
पिता आज्ञा पालक दुलारे
परशु शस्त्र शिव से पायो
शिव तपस्या से प्रसन्न करायो
अक्षय तृतीया जन्म तुम्हारा
जयंती मनाये जग सारा
इक्कीस बार पृथ्वी कीन्ही
क्षत्रियहीन धरा करि दीन्ही
कार्तवीर्य अर्जुन को मारा
पिता वध का बदला उतारा
सहस्रबाहु को तुम ने काटा
क्षत्रिय घमंड सबका पाटा
महाबली तुम अस्त्र विधाता
धनुर्वेद के ज्ञाता दाता
भीष्म द्रोण कर्ण के गुरुवर
शस्त्र विद्या दी सबको सुंदर
द्रोणाचार्य को विद्या दीन्ही
कर्ण को भी शिक्षा कीन्ही
परशु कुठार हाथ में शोभे
रुद्राक्ष माल गले विभूषे
ब्राह्मण तेज क्षत्रिय बल धारी
दोनों गुण में तुम अधिकारी
शिव भक्त परम तपस्वी देवा
नित करूँ मैं तुम्हरी सेवा
महेंद्र पर्वत पर तुम वास
तपस्या करो सदा हर मास
चिरंजीवी तुम कल्प अंत तक
कलियुग में भी रहो संरक्षक
कल्कि अवतार की करो सहाय
युग परिवर्तन में हो जाय
धर्म स्थापना हित अवतारा
अधर्म का किया तुम ने संहारा
सत्य धर्म के रक्षक देवा
न्याय प्रिय तुम सबकी सेवा
पाप ताप सब दूर करो तुम
भक्तन को शरणागत रखो तुम
शत्रु विनाशक परशुरामा
जग में विख्यात तुम्हरो नामा
जो कोई तुमको ध्यान लगावे
ताके शत्रु सदा भय खावे
विपदा काल जो नाम पुकारे
परशुराम सब संकट टारे
दरिद्र दोष सब दूर करावो
धन धान्य सुख संपत्ति दिलावो
बल बुद्धि विवेक प्रदान करो
भक्तन के संकट निवारण करो
ब्राह्मण गौ धर्म की रक्षा
करो सदा प्रभु अपनी भक्षा
परशुराम जयंती जो मनावे
सो सुख शांति समृद्धि पावे
चालीसा पाठ जो नित करही
सो सब विपदा से दूर रहही
परशुराम कृपा जिस पर होई
ताको कहीं भय न रहे कोई
जय परशुराम जय परशुराम
पूर्ण करो प्रभु सबके काम
॥ दोहा ॥
परशुराम चालीसा पढ़े जो नित श्रद्धा धारि
ताकी रक्षा भृगुपति करें विपदा सब निवारि
ॐ