
Narmada Chalisa
नर्मदा चालीसा
Narmada Chalisa is dedicated to Maa Narmada, the sacred river goddess of central India. The Narmada is considered one of the holiest rivers, whose mere sight is believed to purify the soul. Every stone in the Narmada is considered a natural Shivalinga.
ॐ
॥ दोहा ॥
नर्मदा माई के चरण में शीश नवाऊँ आज
पावन करो जीवन मेरा पूरो मेरे काज
शिव तनया नर्मदा माता कृपा करो महारानी
तुम्हरे जल में शिवलिंग बसे तुम हो कल्याणी
॥ चौपाई ॥
जय माँ नर्मदा जय जय माता
तुम हो जग की विधाता
अमरकंटक से प्रकट भई तुम
विन्ध्य पर्वत से बहती हो तुम
शिव की पुत्री तुम कहलाई
पावन धारा जग में बहाई
रेवा नाम तुम्हारा प्यारा
सोमोद्भवा जग से न्यारा
बारह ज्योतिर्लिंग जहाँ बसते
ओंकारेश्वर तट पर लसते
महेश्वर घाट की शोभा न्यारी
नर्मदा माई सबसे प्यारी
होशंगाबाद में तुम विराजो
भक्तन पर कृपा सदा बरसाओ
जबलपुर में भेड़ाघाट सुहाना
संगमरमर चट्टान का खजाना
धुआंधार जलप्रपात की शोभा
तुम्हरी छटा में जग है लोभा
प्रत्येक शिला शिवलिंग कहाये
नर्मदा में स्वयं बने पाये
परिक्रमा जो तुम्हारी करे
तीन वर्ष में सब पाप हरे
अमरकंटक से भड़ूच तक जाती
अरब सागर में जाकर समाती
गंगा भी तुम्हरे दर्शन आवे
नर्मदा स्नान से पाप बहावे
गंगा में स्नान नर्मदा दर्शन
दोनों का फल एक समान प्रसन्न
सात नदियों में तुम पावन
तुम्हरा महत्व है अति गहन
नर्मदा अष्टक जो गावे
सकल पाप दूर हो जावे
कार्तिक पूर्णिमा को स्नान करो
नर्मदा माई का ध्यान धरो
सोमवार को विशेष पूजो
नर्मदा के समान नहीं दूजो
दीपदान नर्मदा में करिये
संध्या आरती नित्य करिये
नर्मदा जल से पितर तर जावें
श्राद्ध कर्म से मुक्ति पावें
रोग शोक सब दूर करो माँ
दुख दरिद्र से मुक्त करो माँ
सन्तान सुख प्रदान करो माँ
विवाह योग बनाओ माँ
नर्मदा कृपा जिस पर होई
दुख दरिद्र ना रहे वहाँ कोई
चालीसा नर्मदा का गावे
सकल मनोरथ पूर्ण पावे
जय नर्मदा जय रेवा माता
तुम हो सबकी सुखदाता
॥ दोहा ॥
नर्मदा चालीसा पढ़े जो नित श्रद्धा भाव
सकल पाप नाशन करें नर्मदा माई सहाव
ॐ