
Mahalakshmi Chalisa
महालक्ष्मी चालीसा
Mahalakshmi Chalisa is dedicated to Goddess Mahalakshmi, the supreme form of Lakshmi representing all eight forms of wealth (Ashta Lakshmi). She is the divine consort of Lord Vishnu and the goddess of prosperity, fortune, beauty, and grace.
ॐ
॥ दोहा ॥
महालक्ष्मी माता को प्रणाम करूँ बारम्बार
अष्ट लक्ष्मी स्वरूपिणी करो जगत उद्धार
सिन्धु सुता विष्णु प्रिया माँ महालक्ष्मी देवी
कृपा करो भक्तों पर सदा करो सब सुख सेवी
॥ चौपाई ॥
जय महालक्ष्मी जय जगदम्बा
धन सम्पत्ति की दाता अरम्बा
क्षीर सागर से प्रकट भई तुम
समुद्र मंथन से आई तुम
विष्णु प्रिया तुम कहलाई
वैकुण्ठ धाम में विराजत आई
चार भुजा कमल पुष्प धारी
स्वर्ण आभूषण शोभा न्यारी
लाल वस्त्र अति शोभा पावे
गज राज तुम्हें जल से नहलावे
कमल आसन पर विराजती
जग को धन सम्पत्ति बाँटती
अष्ट लक्ष्मी रूप तुम्हारे
आदि लक्ष्मी सबसे प्यारे
धन लक्ष्मी धान्य लक्ष्मी माँ
गज लक्ष्मी सन्तान लक्ष्मी माँ
वीर लक्ष्मी विजय लक्ष्मी माँ
विद्या लक्ष्मी ऐश्वर्य लक्ष्मी माँ
कोल्हापुर में धाम तुम्हारा
महालक्ष्मी मंदिर जग से न्यारा
दीपावली को पूजन करिये
धन तेरस को दीप जलाइये
लक्ष्मी पूजन शुक्रवार को
महालक्ष्मी व्रत शुभ दिन को
कमल पुष्प माँ को चढ़ाओ
गुलाब केसर से शृंगार कराओ
घी का दीपक नित्य जलाओ
महालक्ष्मी को प्रसन्न कर पाओ
स्वच्छ रखो घर द्वार सदा
लक्ष्मी माँ का वास हो तदा
तुलसी पूजो नित्य करो
विष्णु सहित लक्ष्मी जी को भजो
श्री यंत्र स्थापना करो घर में
महालक्ष्मी बसें हृदय में
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं मंत्र जपो
धन प्राप्ति का योग तपो
दान पुण्य भी करते रहो
लक्ष्मी कृपा से सदा बढ़ो
गरीबों को अन्न दान दो
विधवाओं की सेवा करो
गौ सेवा से लक्ष्मी आवे
ब्राह्मण भोज से सुख पावे
लोभ मोह से बचते रहना
धर्म मार्ग पर चलते रहना
महालक्ष्मी कृपा जहाँ होई
धन सम्पत्ति की कमी ना होई
सुख शांति समृद्धि बरसावो
दुख दरिद्र सब दूर भगावो
चालीसा पढ़े जो श्रद्धा भाव से
महालक्ष्मी कृपा करें प्रभाव से
जय महालक्ष्मी जय जय माता
तुम हो जग की सुखदाता
॥ दोहा ॥
महालक्ष्मी चालीसा पढ़े जो श्रद्धा भाव लगाय
धन सम्पत्ति समृद्धि हो महालक्ष्मी माँ सहाय
ॐ