
Lalita Chalisa
ललिता चालीसा
The Lalita Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Goddess Lalita Tripura Sundari, the most beautiful form of the Divine Mother and one of the Dasa Mahavidyas. Reciting this chalisa is believed to bestow beauty, grace, spiritual wisdom, and fulfillment of desires.
ॐ
॥ दोहा ॥
जय ललिता त्रिपुरसुंदरी माँ जगदम्बा अपार
श्रीचक्र निवासिनी देवी प्रणमूँ बारम्बार
षोडशी महाविद्या माता राजराजेश्वरी नाम
चालीसा तव गाऊँ अम्बे पूर्ण करो सब काम
॥ चौपाई ॥
जय माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी
जय जय महाविद्या ईश्वरी
श्रीचक्र पर तुम सदा विराजो
मेरु पर्वत शिखर बिराजो
षोडश नित्या देवी संग
चतुर्भुज रूप अतिशय रंग
पाश अंकुश धनुष बाण धारी
कामेश्वरी तुम जगत सुखकारी
कामेश्वर अंक में विराजो
शिव शक्ति रूपिणी महाराजो
लाल वर्ण तुम्हरा अति शोभे
लाल वस्त्र लाल पुष्प विभूषे
सिन्दूर तिलक अति मनमोहे
भक्तन को दर्शन अति शोभे
चंद्रमुखी तुम्हरा मुख प्यारा
नयन कमल सम शोभित सारा
ललिता सहस्रनाम जो गावे
सकल मनोरथ पूर्ण सो पावे
श्री विद्या की अधिष्ठात्री तुम
तंत्र मंत्र की ईश्वरी तुम
पंचदशी मंत्र तुम्हारा
षोडशी मंत्र भी है प्यारा
श्रीचक्र पूजन जो नित करही
सर्व सिद्धि सो निश्चय वरही
नव चक्र में तुम हो विराजे
बिन्दु स्थान में नित्य बिराजे
त्रैलोक्य मोहन चक्र पहला
सर्वाशापरिपूरक अगला
सर्वसंक्षोभण चक्र सुहावे
सर्वसौभाग्यदायक पावे
सर्वार्थसाधक चक्र महान
सर्वरक्षाकर चक्र प्रधान
सर्वरोगहर चक्र तुम्हारा
सर्वसिद्धिप्रद चक्र न्यारा
सर्वानन्दमय चक्र विराजे
बिन्दु में ललिता सदा बिराजे
कामकला कुंडलिनी शक्ति
तुम्हरी कृपा से मिले विरक्ति
योगिनी डाकिनी सब सेवे
ललिता चरण कमल नित ध्यावे
ब्रह्मा विष्णु रुद्र तुम्हरे दास
सदा करें तुम्हरी आस
इन्द्रादि देव जो पूजा करही
ललिता कृपा से सुख में रहही
अष्ट सिद्धि नव निधि की दात्री
भक्तन की तुम हो सुख कर्त्री
सौन्दर्य कला प्रदान करो
जीवन में मधुरता का वरदान करो
विवाह सुख दो ललिता माता
दाम्पत्य जीवन सुखमय बनाता
आत्मज्ञान प्रदान करो माता
ब्रह्मानन्द में डुबो विधाता
ललिता कृपा से मोक्ष मिले
संसार बन्धन सब दूर हिले
चालीसा पाठ जो नित करही
ललिता कृपा से सब सुख वरही
जय ललिता जय त्रिपुरसुन्दरी
जय जय जय माँ जगदीश्वरी
॥ दोहा ॥
ललिता चालीसा पढ़े जो श्रद्धा भक्ति लगाय
सकल मनोरथ पूर्ण हों ललिता करें सहाय
ॐ