Chalisa/Chitragupta Chalisa
Vishnu

Chitragupta Chalisa

चित्रगुप्त चालीसा

Chitragupta Chalisa is dedicated to Lord Chitragupta, the divine accountant who maintains the records of every soul's karma. He is the son of Lord Brahma and is revered especially by the Kayastha community. He decides the fate of souls based on their deeds.

॥ दोहा ॥ चित्रगुप्त प्रभु को प्रणाम करूँ बारम्बार कर्म लेखक विधाता तुम करो जगत उद्धार कलम दवात के देवता ब्रह्मा पुत्र महान चित्रगुप्त जी को करूँ कोटि कोटि प्रणाम ॥ चौपाई ॥ जय चित्रगुप्त जय कर्म विधाता जय धर्मराज के लेखक दाता ब्रह्मा जी के पुत्र तुम्हारे कायस्थ कुल के देव हमारे कलम दवात हाथ में शोभित पुस्तक कर्म लेख सब लिखित यम लोक में तुम विराजते कर्मों का हिसाब तुम रखते प्रत्येक जीव का कर्म लिखो पुण्य पाप का लेखा रखो जन्म से मृत्यु तक सब लिखा कोई कर्म नहीं है बिना दिखा धर्मराज के दरबार में तुम न्याय करो कर्मों के अनुसार तुम पुण्यात्मा को स्वर्ग दिलाओ पापी को दण्ड दिलवाओ निष्पक्ष न्याय तुम करते सदा किसी का पक्ष ना लेते कदा कलम की शक्ति अपार तुम्हारी तलवार से भी तेज़ यह प्यारी विद्या का तुम वर दो भक्तों लेखन कला में निपुण करो भक्तों कायस्थ समाज के कुलदेव चित्रगुप्त तुम परम महादेव यम द्वितीया को पूजन करो भैया दूज को ध्यान धरो कार्तिक शुक्ल द्वितीया पावन चित्रगुप्त पूजा का सावन कलम दवात की पूजा करिये बही खाता नव रचिये दीपावली में लक्ष्मी संग चित्रगुप्त पूजो शुभ रंग व्यापारी को सफलता दो लेखक को प्रतिभा दो न्यायाधीश को न्याय बुद्धि दो प्रशासक को सेवा भाव दो शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति दो ज्ञान विज्ञान का प्रकाश करो कर्म शुद्ध रखो हम सबके पाप कर्म से बचाओ सबके सत्कर्म की प्रेरणा दीजे पुण्य मार्ग पर चलना सिखाइये चित्रगुप्त कृपा जिस पर होई कर्म दोष ना रहे वहाँ कोई भाग्य उदय हो कृपा तुम्हारी जीवन बने सुखद अति प्यारी चालीसा चित्रगुप्त का पढ़े जो कोई कर्म शुद्ध हो दुख ना होई जय चित्रगुप्त जय कर्म विधाता तुम हो सबके भाग्य विधाता ॥ दोहा ॥ चित्रगुप्त चालीसा पढ़े जो श्रद्धा भाव लगाय कर्म शुद्ध सुख शांति हो चित्रगुप्त प्रभु सहाय