
Bagalamukhi Chalisa
बगलामुखी चालीसा
The Bagalamukhi Chalisa is a devotional hymn of 40 verses dedicated to Goddess Bagalamukhi, one of the ten Mahavidyas. She is the goddess who paralyzes enemies and stops all opposition. Reciting this chalisa is believed to grant victory in legal disputes, protection from enemies, and control over adverse situations.
ॐ
॥ दोहा ॥
जय बगलामुखी माता देवी शत्रु विनाशिनी माय
स्तम्भिनी महाविद्या माँ प्रणमूँ शरण में आय
पीताम्बरा देवी माता कृपा करो महारानी
चालीसा तव गाऊँ माता सुनो दयानिधानी
॥ चौपाई ॥
जय बगलामुखी जय जय माता
शत्रु नाशिनी जगत विख्याता
दश महाविद्या में तुम शोभो
पीत वर्ण रूप अतिशय शोभो
पीत वस्त्र पीत आभूषण
पीत आसन पीत सिंहासन
हल्दी पीली तुमको भावे
पीत पुष्प शृंगार सजावे
गदा हाथ में दुष्ट संहारे
जिह्वा पकड़ शत्रु को मारे
स्तम्भन शक्ति तुम्हारी भारी
शत्रु वाणी को रोकनहारी
बुद्धि स्तम्भन करो शत्रु की
वाणी स्तम्भन करो दुष्ट की
गति स्तम्भन करो विरोधी की
मति स्तम्भन करो अधर्मी की
कोर्ट कचहरी में जय पावें
बगलामुखी जो ध्यान लगावें
मुकदमा जीतें शत्रु हारें
बगला कृपा से विजय पुकारें
राजनीति में जय दिलावो
चुनाव में विजय करावो
वाद विवाद में जय करावो
शत्रु मुख बंद करावो
प्रतियोगिता में विजय दिलाओ
परीक्षा में सफलता पाओ
ब्रह्मास्त्र सम शक्ति तुम्हारी
शत्रु का विनाश करें भारी
तंत्र मंत्र उच्चाटन करें
शत्रु के सब काम बिगाड़ें
मारण मोहन उच्चाटन
स्तम्भन विद्वेषण आकर्षण
षट्कर्म सिद्ध करावो माता
साधक की हो सदा विधाता
बगला पूजन विधि जो जाने
सो सब सिद्धि स्वयं पहचाने
पीताम्बरा मंत्र जो जपही
शत्रु भय से सदा तो बचही
एकमुखी बगला अवतार
सर्व शत्रु का करे संहार
मंगलवार और शनिवार
बगला पूजन सबसे सार
हल्दी माला जो जप करही
सर्व सिद्धि निश्चय सो वरही
बगला यंत्र जो धारण करे
शत्रु भय से सदा ही टरे
न्यायालय में जय दिलाओ
अन्याय से रक्षा कराओ
झूठे आरोपों से बचाओ
सत्य का मार्ग दिखाओ
दुष्ट जनों से रक्षा करो
षड्यंत्र सब विफल करो
बगलामुखी कवच जो पढ़ही
सर्व भय से मुक्त सो रहही
चालीसा पाठ जो नित करही
शत्रु भय से मुक्त सो रहही
जय बगलामुखी जय पीताम्बरा
जय महाविद्या जय जय अम्बरा
कृपा करो माता भक्तन पर
विजय दिलाओ सदा सर्वत्र
॥ दोहा ॥
बगलामुखी चालीसा पढ़े जो श्रद्धा मन लाय
शत्रु नष्ट हों विजय मिले माता करें सहाय
ॐ