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Ganesha

Aarti Siddhivinayak

सिद्धिविनायक की आरती

Aarti of Shri Siddhivinayak, the beloved deity of the famous Siddhivinayak Temple in Prabhadevi, Mumbai. This Marathi-Hindi aarti is one of the most popular Ganesh aartis, describing the vermillion-adorned elephant-faced God with eight siddhis as his attendants. The temple, built in 1801, is visited by millions of devotees every year.

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। दर्शनमात्रे मनःकामना पूर्ति। जय देव जय देव। रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा। चन्दनाची उटी कुमकुम केशरा। हीरे जड़ित मुकुट शोभतो बरा। रुनझुनती नूपुरे चरणी घागरिया। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। लम्बोदर पीताम्बर फणिवर वन्दना। सरल सोंड वक्रतुण्ड त्रिनयना। दास रामाचा वाट पाहे सदना। संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वन्दना। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। शेंदूर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको। दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरी हरको। हाथ लिये गुड़ लड्डू साईं सुरवरको। महिमा कहे न जाय लागत हूं पदको। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरी। विघ्नविनाशन मंगलमूरत अधिकारी। कोटिसूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी। गण्डस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारी। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। भावभगत से कोई शरणागत आवे। सन्तत सम्पत सबही भरपूर पावे। ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे। गोसावीनन्दन निशिदिन गुण गावे। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति। दर्शनमात्रे मनःकामना पूर्ति। जय देव जय देव।
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🙏 || जय गणेश ||